Health Fitness & Wellbeing

Friday, July 28, 2017

एसिडिटी के कारण व बचाव





मैं अपने दोस्तों और मित्रों का एक बार फिर से स्वागत करता हूँ उनके पसंदीदा ब्लॉग सेहतमंद स्वास्थ्य के फिटनेस टिप्स में। आप सभी का बहुत बहुत स्वागत और अभिनन्दन करता हूँ और आशा करता हूँ आपको हमारा कैल्शियम की कमी दूरकरने के घरेलू नुस्खे  वाला पोस्ट पसंद आया होगा।



दोस्तों आज हम जिक्र करेंगे एसिडिटी होने के कारणों और उससे बचने के उपायों के बारे में।  अमूमन हम सभी लोग कभी न कभी एसिडिटी की प्रॉब्लम से पीड़ित रहे होंगे और ये भी जानते है एसिडिटी से किस तरह की परेशानी होती है।  आज हम इसे दूर करने और इसके होने के कारणों के बारे में आपको विस्तार से बतलायेंगे।



एसिडिटी के कारण व बचाव


  

शरीर के नार्मल प्रोसेस में जब भी हम कुछ खाते है तो हमारा पेट उस खाने को पचाने के लिए एसिड बनता है। लकिन समस्या तब होती है जब यह एसिड बनाने की प्रक्रिया तेज हो जाती है मतलब पेट ज्यादा एसिड बनाने लगता है।  इस समस्या को हम एसिडिटी या फिर एसिड रिफ्लक्स भी कहते है।  जैसा की देखा गया है यह एसिडिटी की समस्या उन व्यक्तियों को ज्यादा होती है जिनकी डाइट और डेली रूटीन आपस में बैलेंस नहीं होते है।


अब हम बात करेंगे एसिडिटी होने के 8 कारणों की- 


1.  पानी कम पीना:- हमारे शरीर को नार्मल फंक्शनिंग के लिए दिन भर में कम से कम 6 गिलास पानी चाहिए होता है अगर पानी कम मिलता है तो खाना अच्छी तरह से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है।  ऐसे में एसिडिटी की प्रॉब्लम होने लगती है।  



2.  स्ट्रेस:- व्यक्ति का लम्बे समय तक परेशान या फिर चिंता में रहने से पेट का नार्मल फंक्शन जैसे खाने को पचना ठीक से नहीं हो पाता है या फिर कहे की ख़राब हो जाता है तो भी एसिडिटी की प्रॉब्लम होने लगती है।  



3.  लगातार बैठे रहना:- एक ही जगह पर लम्बे समय तक बैठे रहने से खाना अच्छी तरह पच नहीं पता है और एसिडिटी की प्रॉब्लम को शुरु कर देता है।  



4.  तला हुआ खाना:- जो लोग खाने में ज्यादा तला हुआ खाना खाते है जैसे पकोड़े, समोसा, कचोरी में फैट की मात्रा काफी अधिक होती है और यही फैट जब अच्छी तरह से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है तो एसिडिटी की प्रॉब्लम होने लगती है।  



5.  देर तक भूखा रहना:- लम्बे समय तक कुछ नहीं खाने और पेट को खाली रखने पर भी पेट में ज्यादा एसिड बनने लगता है जो आगे चल कर एसिडिटी की परेशानी पैदा करता है।  



6.  शराब:- अलकोहाल में एसिड की मात्रा अधिक होती है ज्यादा बियर या फिर वाइन पीने से भी एसिडिटी की  प्रॉब्लम होने लगती है।  



7.  कॉफ़ी:- नार्मल तरीके से दिन में एक या दो बार कॉफ़ी पीना शरीर के लिए ठीक रहता है लकिन यही कॉफ़ी दिन में 2-3 बार से अधिक होने पर इसमें मौजूद कैफीन बॉडी में एसिडिटी को बढ़ाने में सहायक होते है।  



8. फास्टफूड:- जैसा की हम सभी जानते है सभी लोगों को फास्टफूड खाना अच्छा लगता है लकिन क्या आप जानते है की फास्टफूड  में फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है और जिसको डाइजेस्ट करने में काफी समय चाहिए होता है।  अगर यह फास्टफूड अच्छी तरह से डाइजेस्ट नहीं हो पाता है तो एसिडिटी की प्रॉब्लम को बढ़ाने में मदद करता है।  



अब हम आगे एसिडिटी को दूर करने के 10 आसान से उपायों के बारे में बात करेंगे।
  

1.  एक गिलास में गुनगुने पानी में थोड़ी से काली मिर्च पाउडर और नीबू मिला कर पीये।  


2.  मूली काट कर उसके ऊपर काला नमक और काली मिर्च पाउडर डाल कर खाये।  


3.  जायफल और सोंठ का पाउडर एक गिलास पानी में मिलकर पीये।  


4.  एक चम्मच कच्ची सौफ खाये।  


5.  नारियल पानी पिए।  


6.  2 लोंग को मुँह में डाल कर चूसे।  


7.  गुड़ का एक छोटा सा टुकड़ा अच्छी तरह खाये।  


8.  अदरक के रस को शहद में मिला कर पिए।


9.  एक गिलास ठंडा दूध पीये।
  

10.  एलोवेरा जूस पीये।


एसिडिटी के कारण और बचाव किस प्रकार करे इसके लिए नीचे दिए गए वीडियो को ध्यानपूर्वक देखे और शेयर करे।  इस पोस्ट के बारे में अपने विचार और कमैंट्स हमें अवश्य लिखे। 



Sunday, July 23, 2017

कैल्शियम की कमी दूर करने के 12 घरेलू उपाय



मैं अपने ब्लॉग सेहतमंद स्वास्थ्य के फिटनेस टिप्स के सभी चाहने वालों और मेरे प्यारे मित्रों और दोस्तों का एक बार फिर से आपके अपने ब्लॉग में स्वागत और अभिनन्दन करता हूँ।  उम्मीद है आप सभी का स्वास्थ्य एक दम बढ़िया होगा और आप सभी जीवन के सभी सुख और ख़ुशी प्राप्त कर रहे होंगे।




मित्रों आज हम अपने ब्लॉग में बात करेंगे कैल्शियम की कमी दूर करने के घरेलू उपायों के बारे में।  दोस्तों जैसा की हम जानते है उम्र बढ़ने के साथ साथ हमारे शरीर की पाचन क्रिया कमजोर होने लगती है ऐसा अधिकतर 30 की उम्र पार करने पर होने लगता है। 
   


ऐसे में अपना शरीर आसानी से डाइट में शामिल कैल्शियम के तत्वों को पूरी तरह अब्सॉर्ब नहीं कर पाता है।  जिसके कारण बॉडी में कैल्शियम की कमी होने लगती है।  इसके साथ ही अन्हेल्थी डाइट और खाने में ज्यादा शुगर की मौजूदगी बॉडी में कैल्शियम लेवल कम कर सकता है।




कैल्शियम की कमी दूर करने के 12 घरेलू उपाय


  

कैल्शियम जो हमारे शरीर के लिए एक बहुत ही जरुरी तत्व है और उसकी कमी के कारण शरीर के नार्मल फंक्शन्स पर सीधा असर पड़ता है।  जिससे हड्डियां अंदर से खोंखली और कमज़ोर होने लगती है।  जिस कारण फ्रैक्चर होने की आशंका बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।   


इसके साथ ही मसल्स, कमर और घुटनों में दर्द की प्रॉब्लम होने लगती है।  बाल रूखे, ड्राई और बेजान हो जाते है।  हमेशा व्यक्ति को कमज़ोरी का अनुभव होता रहता है।  दांतों में भी दर्द और पीलापन होने लगता है।
  

जाने माने ऑर्थोपेडिक डॉक्टर के अनुसार 30 साल की उम्र के बाद व्यक्ति को अपनी डाइट में कैल्शियम की मात्रा बढ़ाने और नीचे बताये गए उपायों से इसकी कमी से बचा जा सकता है।  क्योकि बताये गए घरेलू नुस्खे न केवल कैल्शियम की कमी को दूर करते है बल्कि आपके शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त भी रखते है।

  
आईये फिर बात करे उन 12 घरेलू नुस्खों की जिनकी वजह से आप कैल्शियम की कमी को दूर कर सकते है।

  
1.  अदरक की चाय:  अदरक का पेस्ट बनाकर एक और आधा कप पानी में उबाले, जब पानी एक कप के करीब रह जाये तो इसे चाय की तरह पीये।
   

2.  अंजीर और बादाम: पानी में रात भर 2 अंजीर और 4 बादाम भीगा कर रखे। सुबह इन्हें निकाल कर खा ले, शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलेगा।
  

3.  डेयरी प्रोडक्ट्स: अपनी डाइट में डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध, दही, पनीर, चीज़ ले।  ये कैल्शियम रिच प्रोडक्ट्स है।  आपको फायदा होगा।
  

4.  सी फ़ूड: हफ़्ते में एक बार मछली या कोई सी फ़ूड खाने से बॉडी में कैल्शियम की मात्रा बढ़ाने में मदद मिलती है। 


5.  हरी पत्तेदार सब्जी: अपनी डाइट में ब्रोकॉली, बीन्स, खीरा जैसी हरी पत्ते वाली सब्जी की मात्रा बढ़ाये।  इनमें कैल्शियम और मैग्नीशियम होता है जो फायदा करता है।
  

6.  जीरे का पानी: रात भर एक चम्मच जीरा दो गिलास पानी में भीगा दे, सुबह इसको उबाल कर पानी को पी जाये। 


7.  सुबह की धूप: रोज सुबह 8 बजे से पहले 10 मिनट्स खिलती हुई धूप में बिताये, इससे आपकी बॉडी को विटामिन D मिलेगी जो आपके शरीर को कैल्शियम अब्सॉर्ब करने में सहायता करेगी।
  

8.  नीबू पानी: रोज शाम को एक गिलास नीबू पानी पीये।  इसमें पाया जाने वाला विटामिन C बॉडी में कैल्शियम को शरीर के भीतर सोखने की क्षमता को बढ़ाता है।
  

9.  रागी (Finger Millet): हफ्ते में कम से कम 2 बार रागी (Finger Millet) के आटा से बनी इडली, दलिया या चीला खाये।  बहुत फायदा होगा।
  

10. सोयाबीन: वीक में एक बार अवश्य सोयाबीन की सब्जी खाये और हमेशा के लिए इसे अपनी डाइट में शामिल करे।  सोयाबीन में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम होता है। 


11.  अंकुरित अनाज: अंकुरित अनाज या दाल जिन्हें हम स्प्राउट भी कहते है उन्हें भूख लगने पर खाने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और जरुरी नुट्रिएंट्स मिलते है जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद है।
  

12.  तिल: रोज 2 चम्मच भुना हुआ तिल खाये इसके खाने से बॉडी को जरुरी कैल्शियम मिलेगा।

  

कैल्शियम की कमी को दूर करने के ऊपर बताये गए 12 उपायों को वीडियो की मदद से देखने के लिए नीचे दिए वीडियो लिंक को क्लिक करे और ज्यादा से ज्यादा संख्या में शेयर और कमेंट करे अपने विचार इस पोस्ट के बारे में। 




Tuesday, July 18, 2017

20 साल की उम्र में लड़कियों में होने वाले शारारिक बदलाव


दोस्तों नमस्कार और बहुत बहुत स्वागत है आपका आपके अपने सेहतमंद स्वास्थ्य के फिटनेस टिप्स ब्लॉग में।  आशा करता हूँ आप सभी स्वस्थ्य और प्रसनचित होंगे और साथ ही आप अपने स्वास्थ्य का पूरा पूरा ख्याल रख रहे होंगे। क्योकि अगर सेहत अच्छी है तो सब अच्छा है।
    

सभी पाठकों और मेरे मित्रों से निवेदन है कि वे सबसे पहले अपने स्वास्थ्य को तंदुरुस्त बनाये रखे अगर स्वस्थ्य अच्छा नहीं रहेगा तो फिर मन भी अच्छा नहीं रहेगा और बेमन से किया गया कोई भी काम सफतापूर्वक पूरा नहीं हो सकता है।
  


दोस्तों आज हम बहुत ही खास और बेहद ही जरुरी बात पर चर्चा करेंगे जिसके बारे में हर माँ अपनी बेटी के लिए चिंतित रहती है। वह है लडकियों में उम्र का वह पड़ाव जहां से वे बचपन की स्थिति से निकल कर जवानी की देहलीज़ में कदम रखती है।  जी हां, हम आज बात करेंगे लड़कियों की 20 साल की उम्र के बाद होने वाले शारारिक बदलावों के बारे में। 



लड़कियों में 20 साल की उम्र के बाद होने वाले शारारिक बदलाव



उम्र के साथ-साथ लड़कियों के शरीर में कई प्रकार के बदलाव आते है।  साथ ही कुछ बदलावों के कारण उन्हें कई प्रकार ही हेल्थ से रिलेटेड प्रोब्लेम्स का भी सामना करना पड़ता है।   


इन हेल्थ प्रोब्लेम्स का सही समय पर पता लगाकर सही सोलूशन निकला जा सकता है। हमने बात की जाने मानी गायनोकोलॉजिस्ट से और उनके कहे अनुसार हम चर्चा करेंगे उन बदलावों के बारे में जिन्हे लड़कियों को अपने ऊपर अनुभव करती है।  


1.  बाल:- 20 साल की उम्र के बाद लड़कियों की चिन, चेस्ट और पेट पर धीरे-धीरे बाल निकलने लगते है।  


सोलूशन: बालों को हटाने के लिए हेयर रिमोविंग क्रीम या फिर लेडीज रेज़र यूज़ किया जा सकता है। बालों को परमानेंट लेज़र के जरिये भी हटाया जा सकता है।  


2.  पीरियड्स:- 20 की उम्र में होने वाले हार्मोनल इम्बैलेंस के कारण लड़कियों के पीरियड्स सही समय पर नहीं आ पाते है। 


सोलूशन: इस उम्र की लड़कियों को अपनी डाइट में फल और हरी पत्तेदार सब्जियाँ की मात्रा बढ़ानी चाहिए।  जिससे उन्हें भरपूर आयरन, विटामिन्स, मिनरल्स और एंटी ऑक्सीडेंट्स मिल सके। इनको लेने से पीरियड्स रेगुलर करने में सहायता मिलती है।  


3.  वजन बढ़ना:- 20 साल की उम्र की लड़कियों का मेटाबोलिज्म स्लो हो जाता है। जिससे शरीर में वजन बढ़ने की प्रॉब्लम होने लगती है।  


सोलूशन: खाने में ज्यादा ऑयली और शुगरी फूड्स से बचना चाहिए।  रोज़ कम से कम 30 मिनट्स की वाक या फिर एक्सरसाइज जरुरी है, ऐसा करने से वजन कण्ट्रोल में रहेगा।  


4.  बालों पर असर:- 20 की उम्र के बाद लड़कियों में हार्मोनल चेंज के कारण बाल रफ और ड्राई होने लगते है। 


सोलूशन: 3-4 चम्मच ओलिव आयल को गर्म करे और गुनगुना होने पर इससे बालों में हलके-हलके मसाज करे और इसके बाद टॉवल को हल्का गर्म करके बालों पर बांध ले।


5. पिम्पल्स:- 20 साल की उम्र के बाद लड़कियों की बॉडी में हार्मोनल चेंज के कारण पिम्पल्स और ड्राई स्किन  की प्रॉब्लम होने लगती है। 


सोलूशन: इस उम्र की लड़कियों को खाने में ज्यादा ऑयली फ़ूड नहीं लेना चाहिए।  दिन में 2-3 बार चहेरे को पानी से अच्छी तरह धोये।  इससे चहरे का आयल कण्ट्रोल होगा और पिम्पल्स की प्रॉब्लम भी नहीं होगी।  


ज्यादा जानकारी और बताई गयी बातों को फिर से ध्यानपूर्वक देखने के लिए नीचे दिए गए वीडियो को देखे साथ ही इस वीडियो को अपने जानकारों और मित्रों के बीच शेयर करे। आपके बहुमूल्य कमैंट्स से इस पोस्ट के बारे में अपने विचार जरूर अवगत कराये।